गुरु जी मेरा अवगुण भरा शरीर लिरिक्स Guru Ji Mera Avgun Bhara Sharir Lyrics

गुरु जी मेरा अवगुण भरा शरीर लिरिक्स Guru Ji Mera Avgun Bhara Sharir Lyrics, Satguru Bhajan by Kusum Chauhan

गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर,
बता दो कैसे तारोगे,
बता दो कैसे तारोगे,
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर
बता दो कैसे तारोगे।

ना मैं गंगा जमुना नहाई,
हर की पौड़ी जा ना पाई,
गुरुजी मेरी माडी है तकदीर,
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर
बता दो कैसे तारों गे

ना मैंने बड़ पीपल सींचे
सब दिन मोह माया में बीते
गुरु जी मैंने ना दिया तुलसी में नीर
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर
बता दो कैसे तारों गे

ना मैंने मंदिर तीरथ ध्याये,
ना पितरों पर शीश झुकाये,
गुरु जी मुझे कोई बता दो तरकीब,
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर
बता दो कैसे तारों गे

भूखे को जल पान दिया ना,
निर्धन को मैंने दान दिया ना,
गुरुजी में तो ऐसी हुई बेप्रीत,
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर
बता दो कैसे तारों गे

ना मैं राधा मीरा बाई,
ना मैं सीता कर्मा बाई,
गुरुजी मेरी तुम ही हो ज़ागीर,
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर,
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर,
बता दो कैसे तारोगे,
बता दो कैसे तारोगे,
बता दो कैसे तारोगे,
गुरुजी मेरा अवगुण भरा शरीर
बता दो कैसे तारोगे।