नाराज़ Naraaz Lyrics in Hindi – Mercy

ये कैसी बेबस उलझन है
सुन कहता क्या मेरा मन है
पल भर में बदलती ज़िंदगी
वक़्त देता कैसा ग़म है
अब तू न नाराज़ रह तू
अब तू न उदास रह तू
बात करने की तुझसे सिर्फ़
मेरे पास रह तू
अब तू न नाराज़ रह तू
अब तू न उदास रह तू
बात करने की तुझसे सिर्फ़
मेरे पास रह तू
समुंदर के लहरों के
ख़िला फ़साना
फ़िज़ूल है, फ़िज़ूल है
ख़त्म करके सारी उलझने
उड़ने लगा मेरा मन है
अब तू न नाराज़ रह तू
अब तू न उदास रह तू
बात करने की तुझसे सिर्फ़
मेरे पास रह तू
अब तू न नाराज़ रह तू
अब तू न उदास रह तू
बात करने की तुझसे सिर्फ़
मेरे पास रह तू

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