मुंडे तक कहते हैं जी “वाव ”
मोरनी बनकर जिधर भी जाओ
मुंडे तक कहते हैं जी “वाव”
बिल्लो तेरे जैसी कोई धरती पर और नहीं
सच में पूरे दुनिया में तेरी खूबसूरती का कोई तोड़ नहीं
सोहनीए, जितना तेरी बॉडी में लचक है
सच में उतना दुनिया के नक्शे में भी मोड़ नहीं
ज़रा हौली-हौली कमर को हिलाओ
तुम मुंडों पर थोड़ा तो तरस खाओ
नीली आँखों से इतना ज़ुल्म ना ढाओ
आग बनकर आग मत लगाओ
सुरमा आँखों में जब लगाओ
मुंडे तक कहते हैं जी “वाव”
मोरनी बनकर जिधर भी जाओ
मुंडे तक कहते हैं जी “वाव ”
इटालियन बनी ये आँखों की फौज
तड़-तड़ दिलों पर वार करती है
काँच जैसी ये सूरत तेरी इतनी खूबसूरत
कि पूरी दुनिया ही तुझसे जलती है
कल पटियाला से तू नथ (कोका) लेने गई थी
तीन लाख खर्च करके दस गुच्ची भी ली थी
टॉप-टॉप मॉडल्स ने भी तेरी बराबरी करनी चाही
पर तेरा तोड़ तो, ओ रानी, कोई है ही नहीं
तुझ पर रेड सूट बहुत जंचता है, वही पहन
घुंघरू लगाकर पंजाबी जूती पहन
खुलकर हम पर अपना हुक्म चलाओ
दिल से दिल का रिश्ता बनाओ
हाय, सुरमा आँखों में जब लगाओ
मुंडे तक कहते हैं जी “वाव”
मोरनी बनकर जिधर भी जाओ
मुंडे तक कहते हैं जी “वाव”
आँखें गुलाबी मेरी, नशीली मेरी
लाखों दीवाने तड़पते हैं
गोरा है मेरा हाथ
और मेरी कमर तो कहर ढाती है
हाय हाय हाय
कोई मुझे फूलों की रानी कहे, कोई तितली
कोई कहे बादलों से निकली बिजली
जो भी मेरी खूबसूरती को देखे
वो कहे परियों से भी ज़्यादा निखरी
ओ जी, जो भी स्टेप बनाओ, वायरलेस सा बनाओ
गाना ‘गिल-रोनी’ से लिखवाओ
हील की ताल पर उठा के दिखाओ
दूर-दूर खड़े होकर मत शरमाओ
सुरमा आँखों में जब लगाओ
मुंडे तक कहते हैं जी “वाव”
मोरनी बनकर जिधर भी जाओ
मुंडे तक कहते हैं जी “वाव”