तेरे बिन कब से सूनी थी बाहें मेरी
आ गले लग जा अब दूर न जा
आ गले लग जा अब दूर न जा
आ जा पलकों में अपनी छुपा लूं तुझे
इस जहाँ की नज़र से बचा लूं तुझे
आ गले लग जा अब दूर न जा
आ गले लग जा अब दूर न जा
ना जाने क्यों ये कहती थी दुनिया
के तू कहीं भी नहीं है
के धड़कन ये मेरी चलती थी जब भी
कहती थी तू यहीं है
जितना खुद पे कभी भी यक़ीं ना किया
उतना इस दिल ने तुझपे भरोसा किया
जो भी मुझमें है सच्चा वो तेरा ही दिया
जब कोई भी नहीं था मेरा हमनवा
तू ही था दम-ब-दम तू ही था जा-वजह
ए मेरे रूह-ए-जाँ अब दूर न जा
आ गले लग जा अब दूर न जा
तुझपे बीता है जो मुझपे बीता है वो
दर्द हर इक तेरा मुझ में जीता है लो
तेरे रंजों में रंगों को अपने भरूं
दाग कोई कभी तुझपे लगने न दूं
तेरी नींदों में आ सितारे जड़ूं
तेरे सपनों को सारे मैं पूरा करूं
अब जो आया है तो दिल से जाने ना दूं
रख के सर मेरे दामन में सो जा ना तू
आजा पलकों में अपनी छुपा लूं तुझे
इस जहाँ की नज़र से बचा लूं तुझे
ए मेरे रूह-ए-जाँ अब दूर न जा
आ गले लग जा अब दूर न जा
अब दूर न जा