तू मेरे पास है तू बहुत दूर था
लौट के आ गया जैसे मेरा जहां
सोचते थे तुम्हें हम तो शामों शहर
ख्वाब पूरा हुआ लाई हम को यहां
लौट के आ गया जैसे मेरा जहां
सोचते थे तुम्हें हम तो शामों शहर
ख्वाब पूरा हुआ लाई हम को यहां
आंखों की गुस्ताखियां
आंखों की गुस्ताखियां
लाई है हम को यहां
आंखों की गुस्ताखियां गुस्ताखियां हो
हुए थे दीवाने प्यार में
कितने तन्हा थे यार हम
तेरे बिना हम तेरे बिना
जीते तो थे हम लेकिन
सांसे कहां चलती थी
तेरे बिना हम तेरे बिना
किस्मतों से मिला जन्नतों का रास्ता
कब लिखेगी दास्ताँ बेताबियाँ
आंखों की गुस्ताखियां गुस्ताखियां हो
गुस्ताखियां गुस्ताखियां