दिल और जान हाज़िर
आशिक़ों की मस्ती में
आपका मकान हाज़िर
इश्क़ का इत्र महँगा था पर ले लिया
शाम-ए-ग़म के लिए कुछ ज़हर ले लिया
जीने मरने के सामान सारे मिले
आशिक़ों की कॉलोनी में घर ले लिया
आशिक़ों की कॉलोनी में घर ले लिया
इश्क़ का इत्र महँगा था पर ले लिया
शाम-ए-ग़म के लिए कुछ ज़हर ले लिया
जीने मरने के सामान सारे मिले
आशिक़ों की कॉलोनी में घर ले लिया
आशिक़ों की कॉलोनी में घर ले लिया
हो आप जो महके यहाँ ऐसे दिलशाद हुआ
लैला के आने से सहरा आबाद हुआ
तेरा दीदार हुआ सारा दिन पार हुआ
आँखों का रोज़ा था वक़्त-ए-इफ़्तार हुआ
तेरा दीदार हुआ सारा दिन पार हुआ
आँखों का रोज़ा था वक़्त-ए-इफ़्तार हुआ
आप मालिक-ए-मकान हो गए आज से
दिल पर हक़ था वहीं माँग कर ले लिया
इश्क़ दरिया-ए-आशिक़ है दीवानो रे
डूब कर ले लिया तैर कर ले लिया
डूब कर ले लिया तैर कर ले लिया
आशिक़ों की कॉलोनी में घर ले लिया
डूब कर ले लिया तैर कर ले लिया
आशिक़ों की कॉलोनी में घर ले लिया
आशिक़ों की कॉलोनी में घर ले लिया