तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है लिरिक्स – Tera Dar To Hakikat Me Dukhiyo Ka Sahara Hai Lyrics

तेरा दर तो हकीकत में दुखियों का सहारा है लिरिक्स – Tera Dar To Hakikat Me Dukhiyo Ka Sahara Hai Lyrics तेरा दर तो हकीकत में, दुखियों का सहारा है, सच कहता हूँ माँ मेरी, तेरे दर से गुजारा है।। बिगड़ी हुई तकदीरें, बन जाती है एक पल में, जिस वक़्त मुसीबत में, भक्तों ने … Read more

Santan Pratipali Aarti Lyrics In Hindi

Santan Pratipali Aarti Lyrics In Hindi – Mangal Ki Seva Sun Meri Deva Lyrics in Hindi मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े, पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेंट धरे । सुन जगदम्बे कर ना विलम्बे, संतन के भडांर भरे, संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे । … Read more

Na Mantram No Yantram Lyrics in Hindi

Na Mantram No Yantram Lyrics in Hindi न मत्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः । न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम् ॥१॥ विधेरज्ञानेन द्रविणविरहेणालसतया विधेयाशक्यत्वात्तव चरणयोर्या च्युतिरभूत् । तदेतत् क्षन्तव्यं जननि सकलोद्धारिणि शिवे कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति … Read more

Som Som De Bhare Bhandar Tere Lyrics In Hindi

Som Som De Bhare Bhandar Tere Lyrics In Hindi som som de bhare bhandaare tere सोम सोम दे भरे भण्डार तेरे, मंगल मेहर दा बक्षो दान माता बुध बुद्धि दे विच प्रकाश होवे, वीर वीरता दा बक्षो दान माता शक्र शुकर कराँ तेरा हर वेले, शनि शांति दे हों सामान माता एतवार विश्वास यकीन होवे, … Read more

Durga Saptashati Adhyay 1 To 13 In Hindi

Durga Saptashati Adhyay 1 To 13 In Hindi Durga Saptashti Chapter 1- श्री दुर्गा सप्तशती पहला अध्याय Durga Saptashti Chapter 2- श्री दुर्गा सप्तशती दूसरा अध्याय Durga Saptashti Chapter 3- श्री दुर्गा सप्तशती तीसरा अध्याय Durga Saptashti Chapter 4- श्री दुर्गा सप्तशती चौथा अध्याय Durga Saptashti Chapter 5- श्री दुर्गा सप्तशती पांचवा अध्याय Durga Saptashti … Read more

Durga Saptashti Chapter 13 – श्री दुर्गा सप्तशती तेरहवां अध्याय

Durga Saptashti Chapter 13 – श्री दुर्गा सप्तशती तेरहवां अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- तेरहवां अध्याय सुरथ और वैश्य को देवी का वरदान महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! इस प्रकार देवी के उत्तम माहात्म्य का वर्णन मैने तुमको सुनाया। जगत को धारण करने वाली इस देवी का ऎसा ही प्रभाव है, वही देवी ज्ञान को … Read more

Durga Saptashti Chapter 12 – श्री दुर्गा सप्तशती बारहवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 12 – श्री दुर्गा सप्तशती बारहवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- बारहवाँ अध्याय देवी के चरित्रों के पाठ का माहात्म्य देवी बोली- हे देवताओं! जो पुरुष इन स्तोत्रों द्वारा एकाग्रचित्त होकर मेरी स्तुति करेगा उसके सम्पूर्ण कष्टों को नि:संदेह हर लूँगी। मधुकैटभ के नाश, महिषासुर के वध और शुम्भ तथा निशुम्भ के वध … Read more

Durga Saptashti Chapter 11 – श्री दुर्गा सप्तशती ग्यारहवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 11 – श्री दुर्गा सप्तशती ग्यारहवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- ग्यारहवाँ अध्याय देवताओं का देवी की स्तुति करना तथा देवी का देवताओं को वरदान देना महर्षि मेधा कहते हैं- दैत्य के मारे जाने पर इन्द्रादि देवता अग्नि को आगे कर के कात्यायनी देवी की स्तुति करने लगे, उस समय अभीष्ट की प्राप्ति … Read more

Durga Saptashti Chapter 10 – श्री दुर्गा सप्तशती दसवाँ अध्याय

Durga Saptashti Chapter 10 – श्री दुर्गा सप्तशती दसवाँ अध्याय श्री दुर्गा सप्तशती- दसवाँ अध्याय शुम्भ वध महर्षि मेधा ने कहा- हे राजन्! अपने प्यारे भाई को मरा हुआ तथा सेना को नष्ट हुई देखकर क्रोध में भरकर दैत्यराज शुम्भ कहने लगा-दुष्ट दुर्गे! तू अहंकार से गर्व मत कर क्योंकि तू दूसरों के बल पर … Read more

Durga Saptashti Chapter 9 – श्री दुर्गा सप्तशती नवां अध्याय

Durga Saptashti Chapter 9 – श्री दुर्गा सप्तशती नवां अध्याय Durga-Saptashti-Chapter-9 (निशुम्भ वध) राजा ने कहा- हे ऋषिराज ! अपने रक्तबीज के वध से सम्बन्ध रखने वाला वृतांत मुझे सुनाया। अब मैं रक्तबीज के मरने के पश्चात क्रोध में भरे हुए शुम्भ व निशुम्भ ने जो कर्म किया, वह सुनना चाहता हूँ। महर्षि मेघा ने … Read more