आजा रे आ बरखा रे
मीठे तू कर दिन खरे
आजा रे आ बरखा रे
कब से नहीं देखा रे
मीठे तू कर दिन खरे
आजा रे आ बरखा रे
कब से नहीं देखा रे
पानी की छाँव में
बूँदों के पाँव में
बाँधे तू झंझरी
आजा रे आ बरखा रे
कब से नहीं देखा रे
झोंका हवा का पुकारे
ग़म को बहा ले जा रे
बहा के ले जाना
दुख बीते कल के
गहरे हलके
पुराना धो जाना
आजा रे आ बरखा रे
झोंका हवा का पुकारे
तेरी नज़र को उतारे
कब से नहीं देखा रे
बोलो क्या बोलूँ
मैं ना तो क्या तू
तू ना हो तो
मैं क्या बोलूँ
तू है तो मैं हूँ
आजा रे आ बरखा रे
मीठे तू कर दिन खरे
आजा रे आ बरखा रे
कब से नहीं देखा रे
पानी की छाँव में
बूँदों के पाँव में
बाँधे तू झंझरी
आजा रे आ बरखा रे
ग़म को बहा ले जा रे
झोंका हवा का पुकारे
कब से नहीं देखा रे