बेहद हो, बेहद हो, बेहद हो
जो चाहे वो हो मुझको, पर जो भी हो वो बेहद हो
जो चाहे वो हो मुझको, पर जो भी हो वो बेहद हो
इश्क़ हो बेहद, फिर दर्द चाहे बेहद हो
जो चाहे वो हो मुझको, पर जो भी हो वो बेहद हो
इश्क़ हो बेहद, फिर दर्द चाहे बेहद हो
है जुनून, है जुनून
है जुनून मेरे सीने में
है जुनून, है जुनून
जब सुकूँ मिले तो
बेहद हो, बेहद हो, बेहद हो
बेहद हो
बेहद हो, बेहद हो, बेहद हो
बेहद हो
जब तू ना हो तो तेरा इंतज़ार फिर बेहद हो, बेहद हो
जब तू ना हो तो तेरा इंतज़ार फिर बेहद हो
और तू जो आ जाए फिर अय्याशी भी बेहद हो
जो चाहे वो हो मुझको, पर जो भी हो वो बेहद हो
इश्क़ हो बेहद, फिर दर्द चाहे बेहद हो
है जुनून, है जुनून
है जुनून मेरे सीने में
है जुनून, है जुनून
जब सुकूँ मिले तो
बेहद हो, बेहद हो, बेहद हो
बेहद हो
बेहद हो, बेहद हो, बेहद हो
बेहद हो