हूँ.. ओ..
शोहरतें तो नहीं है मिली
ना रहीस हूं मैं बड़ा
जेब में है नहीं कुछ मगर
पास है जो वो सुन ले जरा
शोहरतें तो नहीं है मिली
ना रहीस हूं मैं बड़ा
जेब में है नहीं कुछ मगर
पास है जो वो सुन ले जरा
तेरे इस दिल को चुराने के लिए
है यही एक धुन
सनम को अपना बनाने के लिए
है यही एक धुन
है यही एक धुन
हो ओ..
जब भी बरसात आये
पलकों में ढांक लूँगा
ना कमी कोई खलेगी
तुझे इतना प्यार दूंगा
चांद तारे ले आऊँ
है ये तो मुमकिन नहीं
पर वादा है ये कसम से
तेरे साथ मैं रहूंगा
हूँ ये मैं वादा नहीं कर रहा
कोई ताजमहल है मेरा
नाम की चंद दीवारें हैं
जिनको ही घर मैं कहता रहा
तेरे इस घर को
सजाने के लिए ही
है यही एक धुन
है यही एक धुन
हो ओ.. एक धुन
तेरे इस दिल को चुराने के लिए
है यही एक धुन