दिल काट के Dil Kaat Ke Lyrics in Hindi – B Praak

एक तो परवरदिगार के बारे में न बोलिए
और फिर ऐतबार के बारे में न बोलिए
आपका हम क़त्ल भी कर सकते हैं
आप हमारे यार के बारे में न बोलिए

हमसे वो मिला ही नहीं है सदियों से
तरस गए थे हम यार के साथ को
उस बेवफ़ा का दिल काट के देखना है
वो किसके लिए रोया था कल रात को
उस बेवफ़ा का दिल काट के देखना है
वो किसके लिए रोया था कल रात को

मेरा दिल गया दिल गया दिल गया दिल गया
दिल गया दिल गया बेवफ़ा
मैनूँ मिल गया मिल गया मिल गया मिल गया
मिल गया मिल गया बेवफ़ा
मेरा दिल गया दिल गया दिल गया दिल गया
दिल गया दिल गया बेवफ़ा
मैनूँ मिल गया मिल गया मिल गया मिल गया
मिल गया मिल गया बेवफ़ा

मुझे तो रुलाया ही है
मुझे तो हँसाया ही नहीं
मुझमें कमी क्या थी
यार ने बताया ही नहीं

तेरी ही गली से मेरा गुज़रा जनाज़ा था
मैंने आवाज़ दी थी, तू बाहर आया ही नहीं

तेरे कोलों चूर होके एन्नी मजबूर होके
हौकियाँ लग गई आं मैं
पागल बनाई पई आं
जमा ही हिलाई पई आं
नशांआं ते लग गई आं मैं
हो जानी है मेरा दुश्मन

मैं ऐसी नज़र उतारूँगी
तू बीच में आ ना दुनिया
जानी को मैं ही मारूँगी

वो गला भी मेरा काटे तो कोई बात नहीं
मैं काट नहीं सकती उसकी बात को

उस बेवफ़ा का दिल काट के देखना है
वो किसके लिए रोया था कल रात को
उस बेवफ़ा का दिल काट के देखना है
वो किसके लिए रोया था कल रात को

कितने दीवाने रख रखे हैं गोद में
एक आने लग जाता है
एक जाने लग जाता है
आपके पैरों से क्या मोहब्बत है दुनिया को
जो आता है दबाने लग जाता है

हाय सोई थी क़ब्र में वो जग गई, क्या बोलूँ
मुझे उसकी ऐसी आदत लग गई है, क्या बोलूँ

मैं जुगनू को बोलूँ सूरज
और बन्दे को ख़ुदा बोलूँ
मुझे उसकी ऐसी आदत लग गई है, क्या बोलूँ

मेरे पैरों में जो चुभ गए
वो कांटे कौन निकालेगा
ओह है कोई यहाँ बोला
जो इक लाश को पा लेगा

वो फिर भी है जान मेरी
मेरी पहचान रहेगा वो
जान वो था, जान है वो
आगे भी जान रहेगा वो

मैंने यार मेरे को छोड़ा था सवा सात बजे
वो किसी और का हो गया पौने आठ को

उस बेवफ़ा का दिल काट के देखना है
वो किसके लिए रोया था कल रात को
उस बेवफ़ा का दिल काट के देखना है
वो किसके लिए रोया था कल रात को

ये आजकल सबको क्या हो गया है
ये सारे लोग किधर जा रहे हैं
बुरे लोगों की हो रही है उम्र लम्बी
अच्छे लोग मर जा रहे हैं

उस बेवफ़ा का दिल काट के देखना है

Leave a Comment