के बीच में
अकेलो लंगुरिया
दो दो जोगिनी
के बीच में
अकेलो अकेलो
भीगी भीगी
ये चुनरी तोरी
लाल लाल रे
खींचे जाए
जिया को खामखा
उड़ता जाए नशे में
है गुलाल यार वे
आंखें तोरी
कटोरा भांग का
पूरा का पूरा
छज्जा ही दिल का
हुआ है गुलाबी
सारे जबसे है तूने
मुझे रंग दिया
फैली अफवाहें
सारे मोहल्ला में हैं
ये तेरे चक्कर में
मैं लुट गया रे पिया
तेरी ओढ़नी मैं रंग दूं
गुलाबी सावरिया
तेरी ओढ़नी मैं रंग दूं
गुलाबी सावरिया
रे आजा आजा सावरिया
रे दूर न जा सावरिया
तेरी ओढ़नी मैं रंग दूं
गुलाबी सावरिया
गुलाबी सावरिया…
पकड़ा दी मैंने
कलाई मेरी तुझे
फिर क्यों तू खुल के
मुझे न रंगे
तेरी इसी में
भलाई है बेरिया
जैसा मैं बोलूं
तू वैसा करे
कह के बातें
ये मीठी सी
ठंडाई जैसी
तूने नींदों में मेरी
बड़ा तंग किया
फैली अफवाहें
सारे मोहल्ला में हैं
ये तेरे चक्कर में
दिल लुट गया है पिया
मेरी ओढ़नी तू रंग दे
गुलाबी सावरिया
मेरी ओढ़नी तू रंग दे
गुलाबी सावरिया
आजा आजा सावरिया
रे दूर न जा सावरिया
मेरी ओढ़नी तू रंग दे
गुलाबी सावरिया
कितने दिलों पे
तेरा रंग यूं
चढ़ा है
तुझको मिला के
या गिनूं तेरे सिवा
खुल के बता देना
क्या मुझसे तू चाहे
खुल के बताने में
कहाँ कोई मजा
तेरी ओढ़नी मैं रंग दूं
गुलाबी सावरिया
गुलाबी सावरिया…