इश्क बंजारा Ishq Banjaara Lyrics in Hindi – Javed Ali

प्रीत करी और करूं ना जाने
मूर्ख प्रीत लगाये
भयो न कोई रंग पिया
जब प्रीत का रंग चढ़ जाए

हूं खुद से हुआ हूं बेखबर सा
रहने लगा मैं दरबदर सा
नींदों के लिफ़ाफ़े में लिखा है
ख्वाबों का तेरे एक शहर सा

तेरी हवा में बहा के
ले चला मुझको चुरा के
तेरी हवा में बहा के
ले चला मुझको चुरा के

तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा
तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा
तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा
तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा

हो अंजाम कुछ भी हो
दिल की भी जिद है की
तेरा होके रहना है मुझे

सेहरा सा तड़पता हूं
तुझ में ही भटकता हूं
लम्हा-लम्हा जीता हूं तुझे

तू जो नहीं तू यारा
सब खाली खाली है
मांगता हुआ मैं तेरा
दिल भी सवाली है
मांगता हुआ मैं तेरा
दिल भी सवाली है

तेरी बारिशों में भीगो के
ले चला मुझको चुरा के
तेरी बारिशों में भीगो के
ले चला मुझको चुरा के

तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा
तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा
तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा
तेरा इश्क है बंजारा सा रांझणा

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