पानी-पानी कर दी नज़र मिला के
आए हो तो जाओ ना दिल जला के
पानी-पानी कर दी नज़र मिला के
धीरे-धीरे से उतरेगा मेरे यार
ये इश्क का बुख़ार
आया हूँ मैं आग यहां जलाने
पानी-पानी करके तुझे भिगाने
धीरे-धीरे से सब दूंगा मैं उतार
ये इश्क का बुख़ार
मीठी-मीठी बातें करना
बातों में ही रातें करना
रातों में मुलाक़ातें करना
करते रहना आना जाना
आना जाना
जी जान लुटा दूंगी आज तुझपे कसम से
क्यों लाल हो रहा है मोहब्बत में शर्म से
मैं काम तेरे आऊं है ये दिल में चाहतें
हिल जाएगा ये हुस्न मेरा तेरे करम से
आए हो तो जाओ ना दिल जला के
पानी-पानी कर दी नज़र मिला के
धीरे-धीरे से उतरेगा मेरे यार
ये इश्क का बुख़ार
हमें महकी पड़ेगी तू
बड़ी लगत से बनी है
तेरी क्या बात हसीना
बड़ी फुर्सत से बनी है
बगावत क्यूं ना करेगा
बताओ इश्क हमारा
चढ़ा है आसमान पे
आसमान पे इश्क का पारा
आया हूँ मैं आग यहां जलाने
पानी-पानी करके तुझे भिगाने
धीरे-धीरे से सब दूंगा मैं उतार
ये इश्क का बुख़ार