कहानी मेरी कहां जा रही है
मुझे ना खबर ना है गिला
बेबसी मेरी मेरी तिस्नगी है
मेरी जुस्तजू का है सिला
दिल में हलचल जाने ना क्यों
इस पल हो रही है
बेचैनी सी क्यों ये मेरे
लफ़्ज़ों कि नहीं पन्नो पे चुप क्यों हो गए
कहानी मेरी कहां जा रही है
मुझे ना खबर ना है गिला
बेबसी मेरी मेरी तिस्नगी है
ताना ना ना आ
गुमसुम लगे रात ये क्यों
खुद में ही मैं खो गया हूं क्यों
गुमसुम लगे रात ये क्यों
खुद में ही मैं खो गया हूं क्यों
लिख रहा हूं जिल पे मेरी सारी बातें
तेरे लिए छोड़ा है मैंने ये सारा जहां
अपनी ये पिरहा अब मुझसे सही जाएगा
छोड़ के सब गिल शिकवे अब तू
आजा मेरी गली
कहानी मेरी कहां जा रही है
मुझे ना खबर ना है गिला
बेबसी मेरी मेरी तिस्नगी है
कहानी मेरी कहां जा रही है
मुझे ना खबर ना है गिला
बेबसी मेरी मेरी तिस्नगी है
मेरी जुस्तजू का है सिला
दिल में हलचल जाने ना क्यों
इस पल हो रही है
बेचैनी सी क्यों ये मेरे
लफ़्ज़ों कि नहीं पन्नो पे चुप क्यों है
दिल में हलचल जाने ना क्यों
इस पल हो रही है
अनजाने से भटके मेरे
लब्ज़ को पता तेरे तलक कब पहोचेंगे