इन ख़्वाबों को उड़ने दो
दिल में शिद्दत है चाहत की
मिल जाएगा चाहा जो
गर ख़्वाबों को जीना है तो
इन ख़्वाबों को उड़ने दो
दिल में शिद्दत है चाहत की
मिल जाएगा चाहा जो
हम्म म्म
देखा मैंने जब से तुमको
रंग सारे मिल गए
पानी में बूँदों के जैसे
तुम मुझमें ही घुल गए
लफ़्ज़ों में क्या समझाऊँ
दिल की बातें गहरी हैं
दिल की बातें गहरी हैं
बिन बोले तुम इनको समझो
समझो ना तुम, समझो
गर ख़्वाबों को जीना है तो
इन ख़्वाबों को उड़ने दो
आँखों में तेरे मुझे
दिखती नई कहकशाँ है
ना तुमसा देखा कोई
ना तुमसा कोई यहाँ है
माहिया, माहिया, माहिया
ओ मेरे माहिया
आ आ..
मीठे लम्हे लगते हैं
मीठे एहसासों जैसे
तुम हो तो यूँ लगता है
मैं तेरा था, तेरा ही हूँ
तेरा ही रहना मुझको
तेरी चाहत के रेशे हैं
जो बाँधे हैं साँसों को
तुम संग जीना है मुझको
तुम संग बहना है मुझको
तुम संग रहना है मुझको
तुम भी चाहो अब तो कह दो
कह दो ना, कह भी दो
गर ख़्वाबों को जीना है तो
इन ख़्वाबों को उड़ने दो
मैं दरिया, तू साहिल
मेरी राहें, मेरी मंज़िल
बस तू ही है, तू ही है
तू ही है
तू ही तो है
नाना ताना नाना..