गभराके खुद ही पीछे हट जाएगी
जिस माथे को तूने चूमा है ओ माँ
कैसे उस पर कोई सिलवट आएगी
माँ ओ मेरी माँ मेरी जान ओ मेरी माँ
माँ ओ मेरी माँ मेरी जान ओ मेरी माँ
क्या कोई ये चाहेगा क्या कोई ये समझेगा
कितना गहरा है ये माँ तेरा मेरा नाता
सब्द फीके फीके सारे तेरे आगे
प्यार करती है तू प्यार से भी ज्यादा
मरहम कहीं ऐसा नहीं जो काम आ जाये
तू फुक दे हर दर्द से आराम आ जाए
आंसू हरदम तेरा आंचल ढूंढेंगे
जाते-जाते ही ये आदत जाएगी
जिस माथे को तूने चूमा है ओ माँ
कैसे उस पर कोई सिलवट आएगी
माँ ओ मेरी माँ मेरी जान ओ मेरी माँ
माँ ओ मेरी माँ मेरी जान ओ मेरी माँ
ये जो रिश्ते सारे हैं प्रेत की दीवारे हैं
सब गरांदे बनके बिगडे बारी बारी
माँ ये दुनिया क्या है मेला पल दो पल का
मिलने वाले सारे बिछड़े बारी बारी
बस तू ही है साया मेरा जो खो नहीं सकता
तू फेर ले मुझसे नज़र ये हो नहीं सकता
मैं गभराऊ अनहोनी के डरसे तो
तू ही बनके मेरी ताकत आएगी
जिस माथे को तूने चूमा है ओ माँ
कैसे उस पर कोई सिलवट आएगी
माँ ओ मेरी माँ मेरी जान ओ मेरी माँ
माँ ओ मेरी माँ मेरी जान ओ मेरी माँ
मेरी जान ओ मेरी माँ