मोरे राम से सुंदर कोई नहीं More Ram Se Sunder Koi Nahi Lyrics in Hindi – Mohit Chauhan, Simpal Kharel

मोरे राम

ना दरस किसी का मांगू मैं
मोरे राम से सुंदर कोई नहीं

जग भूलूं हो नतमस्तक मैं
मोरा जगत राम और कोई नहीं
मोरा जगत राम और कोई नहीं

मैं सेवक तू दाता
अपना जन्मो का नाता
बस राम राम सुबह शाम-शाम
बस राम राम सुबह शाम-शाम
मुझे एक ही काम है आता
मैं सेवक तू दाता
मेरे राम मेरे राम

जहां राम कहें उस डगर चलूं
जहां राम बसे उस नगर चलूं

मोरा हाथ थामना मोरे प्रभु
डगमग पथ पर मैं अगर चलूं
डगमग पथ पर मैं अगर चलूं
डगमग पथ पर मैं अगर चलूं

मैं सेवक तू दाता
अपना जन्मों का नाता
बस राम-राम सुबह शाम-शाम
बस राम-राम सुबह शाम-शाम
मुझे एक ही काम है आता
मैं सेवक तू दाता
मेरे राम मेरे राम

कोई और न चाहे तरस करे
मोरी लाज रखेंगे राम मोरे

मोहे जगत भंवर से बचाएंगे
थामेंगे डोर को राम मोरे
थामेंगे डोर को राम मोरे
थामेंगे डोर को राम मोरे

मैं सेवक तू दाता
अपना जन्मो का नाता
बस राम-राम सुबह शाम-शाम
बस राम-राम सुबह शाम-शाम
मुझे एक ही काम है आता
मैं सेवक तू दाता
मेरे राम मेरे राम
मेरे राम मेरे राम

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