हे रब्बा
देखा समझ के तुझको पराया
देखा समझ के तुझको पराया
दिल है कि फिर से तुझी पर आया
तुझी पर आया
देखा समझ के तुझको पराया
देखा समझ के तुझको पराया
दिल है कि फिर से तुझी पर आया
तुझी पर आया
फिर अजनबी फिर अजनबी
एक बार बन कर देखें फिर अजनबी
जैसे मिले ही ना कभी
एक बार बन कर देखें फिर अजनबी
एक बार पहली दफ़ा चल फिर मिलें
पर मुख़्तलिफ़ हो ज़रा अब सिलसिले
इस मर्तबा दो दिलों के प्यार के
एक जैसे हों रास्ते और मंज़िलें
और मंज़िलें
फिर अजनबी
अब के हम कम से कम ये इरादा करें
जो निभा पाए हम उतना वादा करें
कुछ गिले ही ना हों ये तो मुमकिन नहीं
पर गिले कम करें प्यार ज़्यादा करें
नाराज़गी में कभी कर भी लिए
खुदगर्ज़ ना हो मगर वो फ़ैसले वो फ़ैसले
दिल तोड़ के सीखा यही
एक बार बन कर देखें फिर अजनबी
फिर अजनबी