दिल जला के मुस्कुराने की जो आदत हुई है मुझे
लग रहा है क़ायदे से अब मोहब्बत हुई है मुझे
लग रहा है क़ायदे से अब मोहब्बत हुई है मुझे
मेरी तुम्हीं से है जवाबदारी, नाराज़गी भी ढेर सारी
तुम्हें हराने की ज़िद में, ये ज़िंदगी तुम्हीं से हारी
अगर कभी तुम्हें रुलाया, कहां मुझे भी चैन आया
असल में दिल नहीं तुम्हारा, ख़ुद ही का दुखाया
क्या बताऊं दर्द लेके, कितनी राहत हुई है मुझे
लग रहा है क़ायदे से अब मोहब्बत हुई है मुझे
ठिकाना जहाँ तुम्हारा, वहीं घर है मेरा (आह)
है कंधा जहाँ तुम्हारा, वहीं सर है मेरा (आह)
दोनों चले तो हैं क़सम दिला के, चलेंगे तो क़दम मिला के
यहाँ तक पहुँचे भी हैं यक़ीन में भरम मिला के
क़रार की तुम्हीं वजह हो, कभी लगे तुम्हीं सज़ा हो
तुम्हीं से हैं तकलीफ़ें भी, तुम्हीं तो मज़ा हो
पहले से भी और प्यारी, अब ये हालत हुई है मुझे
लग रहा है क़ायदे से अब मोहब्बत हुई है मुझे