दिल का नूर
है रे तू वो सुरूर
है रे जो है मुझे नसीब से मिला
है रे तू वो सुरूर
है रे जो है मुझे नसीब से मिला
तेरा असर, गहरा इश्क़-ए-दिल
कह रहा रब है, तू नज़्म है मेरा
मेरे रक्त का, इस ज़र्ब का
हर वास्ता, हर रास्ता
तुझसे जाकर तुझ पे ही मिले
रब से है दुआ
बस रहे तू मेरा हो
रब से है दुआ
बस रहे तू मेरा हो
बस रहे तू मेरा हो
बस रहे तू मेरा
खुली ये फ़िज़ा
आसमान से रंग-सा बहे
धीरे-धीरे ये झील में घुलें
कहीं नदियाँ बादलों से चलती मिलें
कभी दिन में चाँदनी दिखे
ये असर है तू
वो ये तार है तू
जो वादियों को महकाने की वजह है रे
मेरे रक्त का, इस ज़र्ब का
हर वास्ता, हर रास्ता
तुझसे जाकर तुझ पे ही मिले
रब से है दुआ
बस रहे तू मेरा हो
रब से है दुआ
बस रहे तू मेरा हो
बस रहे तू मेरा हो
बस रहे तू मेरा
रब से है दुआ
रब से है दुआ
बस रहे तू मेरा हो
रब से है दुआ
बस रहे तू मेरा हो
बस रहे तू मेरा हो
बस रहे तू मेरा