सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
जिसके जिगर में है तूफान हो हो हो
आसमा है जिसका मैदान हो हो हो
हो जिसके जिगर में हो तूफान
आसमा है जिसका मैदान
सूरा पूरा है मन मौजी
भूखे मिट्टी में जो जान
झटपट खावे दुनिया लेखे
आया ओठ गुरु की लेके
जावे वारी ओ वारी
उसका बाँध करे दस्तार
हो जिसका रब है पहरेदार
पैक भर सी जिसकी है रफ़्तार
लगाए चॉंद पे जो दरबार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
हो जिना हौसला है बधा उतनी परवाह है
हो अपने अपना नाम मान है वही तो खुदा है
है सिंह पंजाबी ये बंदा अपने यारा नाल सी चंगा
ले दे या गाड़ी पिंड दा यार
नाम से ही है हाहाकार
चलेगी अब अपनी सरकार
आ गया पिंड से सबका यार
सन ऑफ़ सरदार
पड़े जब सेरो की दरकार
हमें भी सेदि दो तैयार
जोने चित्त करे वो चार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार
सन ऑफ़ सरदार