सुकून Sukoon Lyrics in Hindi – Bhoomi 2025

दिल वही सुकून ढूंढे,
वैसा ही क़रार मांगे।

दिल वही सुकून ढूंढे,

वैसा ही क़रार मांगे।

जो कुदरत ने बिखेरे थे,

बस मेरी राहों में।

और क़िस्मत ने सजाये थे,

मेरी निगाहों में।

जाने अब कहाँ मिलेगा,

कहाँ छुपा होगा।

मिल जाता तो रख लेता मैं,

अपनी पनाहों में।

वो सुकून शायद मुझसे ही है,

मुझ में ही था और मुझ में ही है।

झाँक लूँ खुद में ज़रा, सब कुछ है अंदर मेरे,

लहरों पे मिलता नहीं, जो गहरे समंदर मिले।

महसूस होगा मुझे, जब खुदको पहचानूँगा,

दिल के अंदर देख कर, अपनी रूह को जानूँगा।

डूबेगा… डूबेगा…

डूबेगा तो तर जाएगा,

हर ज़र्रा मेरा।

वरना तड़प के ही गुज़रेगा,

रोज़मर्रा मेरा।

क्या मैंने कभी किया है,

थोड़ा इश्क़ भी खुदसे?

मिल जाएगा फिर जो ढूंढता हूँ,

मैं दर-ब-दर कबसे।

वो सुकून शायद मुझसे ही है,

मुझ में ही था और मुझ में ही है।

वो सुकून शायद मुझसे ही है,

मुझ में ही था और मुझ में ही है।

वो सुकून मुझसे है…

मुझ में है सुकून…

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