तू काहे का मालिक Tu Kaahe Ka Maalik Lyrics in Hindi – 1857 Diary The Hidden Pages

तू काहे का मालिक है तू काहे का मालिक है मालिक ऊपर वाला है तू काहे का मालिक है मालिक ऊपर वाला है वही रक्षा करता है वो सबका रखवाला है अरे वही रक्षा करता है वो सबका रखवाला है वो सबका रखवाला है वो सबका रखवाला है ऊपर वाला रहता है हम सबके अंदर … Read more

रोज़ रोज़ Roz Roz Lyrics in Hindi – The Yellow Diary

कभी कभी लागे रहा अनसुना जो भी मन में लागे कहा अनकहा कभी कभी लागे रहा अनसुना जो भी मन में लागे कहा अनकहा किनारे, किनारे पे रह गयी नइया रे सवालों भरे हो ये सारे नज़ारे रोज़ रोज़ आते हो आंखें क्यों चुराते हो है मुझे लगे जैसे खुद को ही छुपाते हो रोज़ … Read more