भूल आ लोक बस याद ए तू
कारा ते दस हुड़ कारा मैं की
तू ही ऐ चांद मेरी रात दे विच तू
थोड़ी सी दारू मेरे अंदर आ गई
भूल आ लोक बस याद ए तू
कारा ते दस हुड़ कारा मैं की
तू ही ऐ चन्न मेरी रात दे विच तू
मैं पका होया आदी
जा तेरा जा शराब दा
घुट भर लैन जदो
अग्गे चेहरा ए जनाब दा
मैनु दास मेरे नाल क्यों ना
तू ऐ रातां नू
हनेरे ने भुजना पइया बतां नूं
बस लभ जंदे कागज दावतां नू
फ़िर करदे बियान मुलकातां नू
कोई आया ते कोई तूर गया
उमरा दा मेरा इक साथ ऐ तू
थोड़ी सी दारू मेरे अंदर आ गई
भूल गये लोक बस याद आ तू
कारा ते दस हुड़ कारा मैं की
तू ही ऐ चान मेरी रात ए तू
थोड़ी सी दारू मेरे अंदर आ गई
भूल गये लोक बस याद आ तू
कारा ते दस हु कारा मैं की
तुही ही ए चन्न मेरी रात ए तू
तेरे मैं जानू क्या इरादे
पिये तो करता है बातें तू बड़ी
थोड़ी सी एफ़र्ट तो दिखा दे
अपनी कहानी तो अधूरी है अभी
जाने अंजाने में ही
आँखों के मिल जाने से ही
तुझे हुआ है मुझसे प्यार तू कहे
दिन में तो याद ना आए
साबित क्या करना चाहे
रातों को फिर तेरा दिल ना लगे
दिल की दीवारों में छुपा है जो
मेरे लिए ऐसा राज़ है तू
समझु मैं तेरे ये शरारतें
मुझे ही करता याद है क्यू
थोड़ी सी दारू मेरे अंदर आ गई
भुलगे लोक बस याद ए तू
कारा ते दस हु कारा मैं की
तुही ए चान मेरी रात ए तू
थोडी सी दारू मेरे अंदर आ गयी
भुलगे लोक बस याद आ तू
कारा ते दस हुन कारा मैं की
तुही ए चान मेरी रात ए तू
थोड़ी सी दारू मेरे अंदर आ गई
भुलगे लोक बस याद आ तू
हां करा ते दस हुण करा मेई की
तुही ए चान मेरी रात ए तू
हम्म..ओह हे..