इस दुनिया के अंधेरों में
जब तू मेरे क़रीब आया
कुछ भी न था इन लकीरों में
तब तू ले के नसीब आया
किया है कितना तूने मेरे लिए
मैं, कहे जो तू तो हँस के मर जाऊँ
जो हाथ ये रहे तेरे हाथ में
मैं सारी ज़िंदगी यहीं गुज़ार दूँ
चले भी जाओगे तो इंतज़ार में
वो शाम आख़िरी यहीं गुज़ार दूँ
इस दुनिया के अंधेरों में
जब तू मेरे क़रीब आया
कुछ भी न था इन लकीरों में
तब तू ले के नसीब आया
मुझे याद है वो दिन आज भी
मैं चलके तेरे पास आया था
नहीं था कोई जहाँ में मेरा
तूने ही गले लगाया था
हो.. मिला जो तू तो
हर खुशी मिल गई है
अब इस से ज़्यादा और क्या माँगूँ
जो हाथ ये रहे तेरे हाथ में
मैं सारी ज़िंदगी यहीं गुज़ार दूँ
चले भी जाओगे तो इंतज़ार में
वो शाम आख़िरी यहीं गुज़ार दूँ
कोई ऐसा पल जिया ही नहीं
जिस में तेरा नाम ना लिया
तेरे हो गए तो हमने सनम
सब से फ़ासला बना लिया
हाँ तेरा मेरा सफ़र कभी ना ख़त्म हो
भले ही साँसों से बिछड़ जाऊँ
जो हाथ ये रहे तेरे हाथ में
मैं सारी ज़िंदगी यहीं गुज़ार दूँ
चले भी जाओगे तो इंतज़ार में
वो शाम आख़िरी यहीं गुज़ार दूँ