ये कैसा इश्क़ Ye Kaisa Ishq Lyrics in Hindi – Dhadak 2

डूबे दिल नू
हो डूबे दिल नू किनारा नयो मिलना
हाथ छूटा दोबारा नयो मिलना
हाथ छूटा दोबारा नयो मिलना
अइयाँ रातां जुदैयाँ दियाँ

जुड के भी जुदा सा रहा
जब मिला ना मिला
तू मुकम्मल रहेगा गिला

टूटा है दिल आँख भरी
भरी नदियाँ भारी
मैने पल-पल तेरे बिना
ये कैसा इश्क है

ये कैसा इश्क है
जो लगा सीने से
मगर इस दिल की सुनी ना सदा
कर दे ये रूह रिहा
हां मुझे तू बता ये कैसे कटेगी सजा
जुड के भी जुदा

दर्दा दे सात समुंदर
सारे ने दिल दे अंदर
जाऊं किस और कलंदर मैं

दर्दा दे सात समुंदर
सारे ने दिल दे अन्दर
जाऊं किस और कलंदर मैं

तू मेरी हज नमज़ा
तू मौला दी आवाज़ा
जाऊं फिर क्यों मस्जिद मंदिर मैं

ओ दर्दा दे सात समुंदर
सारे ने दिल दे अन्दर
जाऊं किस और कलंदर मैं

साये तेरे साये तारों में आये
आँखों को फिर कैसी नींदें पड़े
तेरे बिना ये कौन मिटाये
आँसू जो पलकों पर बैठा रहे

ये कैसा इश्क है तू लगा सीने से
मगर इस दिल की सुनी ना सदा
कर दे तू रूह रिहा या मुझे तू बता
ये कैसे कटेगी सजा

जुड़ के भी जुदा सा रहा
जब मिला ना मिला
तू मुकम्मल रहेगा गिला

टूटा है दिल आँख भरी
भरी नदियाँ भारी
मैंने पल-पल हां तेरे बिना
ये कैसा इश्क है

दर्दा दे सात समुंदर
सारे ने दिल दे अन्दर
जाऊं किस और कलंदर मैं
ये कैसा इश्क है

दर्दा दे सात समुंदर
सारे ने दिल दे अन्दर
जाऊं किस और कलंदर मैं
ये कैसा इश्क है

तू मेरी हज नमज़ा
तू मौला दी आवाज़ा
जाऊं फिर क्यों मस्जिद मंदिर मैं

ओ दर्दा दे सात समुंदर
दर्दा दे सात समुंदर
दर्दा दे सात समुंदर

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