ना तेरा साथ मिला
मकान क्या बनाऊ
जो घर बरबाद मिला
मैं हस भी ना पाउ
एहसास ये अब क्यू ना रहा
मैं किसे बताउ
के दिल मेरा कितना दुख रहा
ये जिंदगी है
कट रही है
मैं जी रहा हूं
जैसी भी है
जितना पकडू
उतनी भागे
उल्टा मुझ पर
हस रही है
ये जिंदगी है
कट रही है
मैं जी रहा हूं
जैसी भी है
जितना पकडू
उतनी भागे
उल्टा मुझ पर
हस रही है
अगर कभी गिरा पाओ मुझे
गले से लगा लेना
न पूछना मुझसे हाल-ए-वजह
कोई अपना मेरा होगा
यूं भेज ना ज़मीन पे
तेरे बंदो में बची वफ़ा नहीं
मैं थक चुका हूं
एक तरफ़ा प्यार करलू ना वजह रही
मैं घर क्या ही जाऊ
ना घर पे प्यार मिला
मैं फिर ही रहा हूं
तभी संसार मिला
मैं किसे सुनाउ
ये चलता रहेगा सिलसिला
मैं गाता जाउ
और संग मेरे गाये काफिला
ये जिंदगी है
कट रही है
मैं जी रहा हूं
जैसी भी है
जितना पकडू
उतनी भागे
उल्टा मुझ पर
हस रही है
ये जिंदगी है
कट रही है
मैं जी रहा हूं
जैसी भी है
जितना पकडू
उतनी भागे
उल्टा मुझ पर
हस रही है
ये जिंदगी है
यहीं तो जिंदगी है
ये जिंदगी है
यहीं तो जिंदगी