भरता हाथों में पिस्तौल
जिधर भी एंट्री ले
बदल दे जगह का महौल
बूट दो पेरों में
भरता हाथों में पिस्तौल
जिधर भी एंट्री ले
बदल दे जगह का महौल
के आने से पहले
मौत भी दे इसको मिस कॉल
बूट दो पेरों में
भरता हाथों में पिस्तौल
सब पे राज करेगा मालिक
हमसे आज करेगा मालिक
यहीं एक हुकुम का इक्का
बाकी सच्चे सब नाबालिक
सब पे राज करेगा मालिक
हमसे आज करेगा मालिक
यहीं एक हुकुम का इक्का
बाकी सच्चे सब नाबालिक
सा मेरी चंबल की पुस्तक करियो हालांगन
जो जिंदगी ना ओते थारे बाम बने अंदर ते
राखु थोड़े बागी और बागी इनकी संगत
सोच ते पार मैं थारी जाम्या ऐसा राजन
उदा के तीतर मालिक
चलाये जब हीटर मालिक
बना दे थिएटर मालिक
चलाये जब हीटर तड़ तड़
ये मजबूर नहीं
भले मजदूर की है औलाद
के इसकी धमनी में
वो लाए खून के है फौलाद
जो बुड़बक दिखलाना
चाहे इसकी औकात
उसे दर्शन देता है
है इसके अंदर का जल्लाद
सब सरताजों के झूमांतर
सारे से ताज करेगा मालिक
यहीं एक हुकम का इक्का
बाकी सच्चे सब नाबालिक
सब पे राज करेगा मालिक
हमसे आज करेगा मालिक
यहीं एक हुकुम का इक्का
बाकी सच्चे सब नाबालिक
शहर में होगी री होगी री
चली तड़ तड़ तड़ की लहर
शहर में होगी री होगी री
चली तड़ तड़ तड़ की लहर