अंगड़ाई Angdayi Lyrics in Hindi – Pati Patni Aur Woh Do

नज़रें ना फेरो सनम
इधर रुख करो
ज़रा देख लो आँख भर के
काजल से मेरे चलो, कहानी लिखो
तुम हमसे मिलो दिल लगा के

क्यूँ आतिश सी लगी है
मैं जल रहा हूँ
तू आ बचा लेना

तेरे दर पे खड़ा हूँ
तू खोल देना
या आज़मा लेना
मैं अब खुद से हूँ बातें करता
मिलके तुझसे है, यही कहना

मेरी तो कड़ लईये जान
तेरी अंगड़ाई, हाय तेरी अंगड़ाई
फिरता रहूँ सुबह-ओ-शाम
जो तूने पिलाई, हाय तूने पिलाई

हो ओ ओ ओ ओ
साँसों में छलका कम है
आँखों में दिखता ग़म है
दोनों की आँखें नम हैं
क्या है ये हो रहा

ज़ख्मों का तू मरहम है
तेरे होने से ही हम हैं
बाकी दुनिया भरम है
सबको है ये पता

हर जगह धुआँ, क्या है जल रहा
आग दे बुझा, लिख रहा हूँ क्या
बेखबर समा, होश ना यहाँ
क्या है ये माजरा

मैं अब खुद से हूँ बातें करता
मिलके तुझसे है यही कहना

मेरी तो कड़ लईये जान
तेरी अंगड़ाई, हाय तेरी अंगड़ाई
फिरता रहूँ सुबह-ओ-शाम
जो तूने पिलाई, हाय तूने पिलाई

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