मददगार परवरदिगारा…
मेरे यार नू सजदा करके…
ओहदे नाम दी ईद गुजरा
तुम मिले हो इस तरह से
जैसे मौला मिल गया हो
मिले बादल मिली नदियां
मिला सुकून…
मेरी आंखों के रस्तों से
बन गया सांस तू मेरी और फिर
सांसों से होकर
बन गया खून..
दिल का दरिया छलके…
रब है आया चल के…
तू दरिया है मैं हूं
साहिल तेरा होगा ना…
मेरे मुरशिद मेरे यारा
तू चांद मैं टूटेया तारा
मेरे पीर का तू है इशारा
बखुदा… बखुदा..
मेरे मुरशिद मेरे यारा
तू चांद मैं टूटेया तारा
मेरे अली का तू है इशारा
बखुदा… बखुदा..
आआ..आआ…
कितने ही बंधन हैं
धागे रे मज़ारों पे..
मेरे लिए तूने
यह तो बता..
अपने लिए तूने..
कुछ नहीं मांगा है
मेरे लिए मांगी हर दुआ
मेरी मौत थी आई इश्क मेरे
मेरी जान बचाई इश्क तेरे
मेरी खातिर तूने तेरी मेरी
खातिर तूने तेरी
खुशियों को है मारा।
मेरे मुरशिद मेरे यारा
तू चांद मैं टूटेया तारा
मेरे पीर का तू है इशारा
बखुदा… बखुदा..
मैं इक नदी सा हां
इक नदी सा तू है नसीब का झरना
तेरे गले से लग के ओ साईं
पैरों पे तेरे है मरना
तुझको मेरी हो जो आरज़ू
तो दौड़ा चला आऊं मैं।
इतनी दुआ ना कर इस तरह
कि रब खुद ना बन जाऊं मैं
अब क्या कहूं के मेरे हज़ूर
हर हर लफ्ज़ में बस तू है
मेरी आरज़ू में.. मेरी बंदगी में..
बस तू है.. तू है..बस तू है
इस इश्क़ की ना इंतिहां
अब क्या कहूं कि मेरे हज़ूर
तू दरिया है मैं हूं पानी
तू दरिया है मैं हूं पानी
दरिया का हूं मारा…
मेरे मुरशिद मेरे यारा
तू चांद मैं टूटेया तारा
मेरे पीर का तू है इशारा
बखुदा… बखुदा..
मेरे मुरशिद मेरे यारा
तू चांद मैं टूटेया तारा
मेरे पीर का तू है इशारा
बखुदा… बखुदा..