तू काहे का मालिक Tu Kaahe Ka Maalik Lyrics in Hindi – 1857 Diary The Hidden Pages

तू काहे का मालिक है
तू काहे का मालिक है
मालिक ऊपर वाला है

तू काहे का मालिक है
मालिक ऊपर वाला है
वही रक्षा करता है
वो सबका रखवाला है

अरे वही रक्षा करता है
वो सबका रखवाला है
वो सबका रखवाला है
वो सबका रखवाला है

ऊपर वाला रहता है
हम सबके अंदर ही
तू ना समझ पायेगा
तेरे पुरवाज थे बंदर ही
तेरे पुरवाज थे बंदर ही

अरे ऊपर वाला रहता है
हम सबके अंदर ही
तू ना समझ पायेगा
तेरे पुरवाज थे बंदर ही

कमल हमारा अस्त्र शास्त्र है
कमल हमारा अस्त्र शास्त्र है
रहे ना कोई भ्रांति
तुम किच्चड़ हो कमल खिला है
लाएगा ये क्रांति

देख रहे हो इस रोटी को
नहीं तुम्हें अंदेशा
देख रहे हो इस रोटी को
नहीं तुम्हें अंदेशा

ये रोटी पहुँचाएगी
क्रांति का संदेश
क्रांति का संदेश
हो क्रांति का संदेश

देख नमुना इस क्रांति का
कैसे रंग ये लाये
बच कर वापस हमसे कोई
नहीं फिरंगी जाये
नहीं फिरंगी जाये
नहीं फिरंगी जाये.. ‎

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