अपनी गरारी बस तुझपे ही फँसती
साथ मेरे खड़ी बस तू ही जचती
साथ मेरे खड़ी बस तू ही जचती
अपनी गरारी बस तुझपे ही फँसती
साथ मेरे खड़ी बस तू ही जचती
हो याद मेरे तू
हाय तू
नी मैं बुल्ली फिरन दुनिया नू
पता नी मैनु क्यु हाए क्युं
बहली सोहनी लगदी है तू
पता नी मैनु क्यु हाए क्युं
बहली सोहनी लगदी है तू..