भीगी भीगी खिड़की के उंगली से नाम लिखा
आईना गड़बड़ था या हो सांवरा बातें बहका देना
परछाइयां पहले से मिल गई मिलते हम क्या
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
एक मैं एक वो मन का
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
जपते जपते बहका
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
मन के धागे से बुला
तू शायद सोचे देख बुलबुल मौके
सच है या इन्तहा खामोशी मरहम
नींद की गलती है सपने
सपनों की कमी खोले नींद
सो जाऊं खो जाऊं दिल सोचे जरा कम
ना सपने सुहा के चैन रात कहां है
ऐसा ही होता है फिर किसी घर झांके कोई घर
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
एक मैं एक वो मन का
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
जपते जपते बहका
बरखा छुपी छुपी रोशनी ही रोशनी
तू मांगे ना मांगे बदन को आंखें था छाना
नजकियां जैसी दूरियां हुई हो गुमराह
भीगी भीगी खिड़की के उंगली से नाम लिखा
आईना गड़बड़ था या हो सांवरा बातें बहका देना
परछाइयां पहले से मिल गई मिलते हम क्या
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
एक मैं एक वो मन का
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
एक मैं एक वो मन का
क्या हो रहा है क्यों हो रहा है
जपते जपते बहका