गुनगुनाते चले मौसम Gun Gunate Chale Mausam Lyrics in Hindi – Ankit Tiwari

गुनगुनाते चले मौसम
जाने कितने दिन बाद हुई
गुनगुनाते चले मौसम
जाने कितने दिन बाद हुई
मैंने अर्ज़ करी बारिश
तेरे आने पे इरशाद हुई
मैंने अर्ज़ करी बारिश
तेरे आने पे इरशाद हुई

कुछ मरते हैं कुछ पागल उसपे
लोग हवाएँ और बादल उसपे
कुछ मरते हैं कुछ इतने पागल उसपे
अरे लोग हवाएँ बरखा और बादल उसपे

ये क्या हुआ कैसे हुआ
कुछ याद फिर ना यार मुझे
ऐसा कभी देखा नहीं
लाहोश में अब यार मुझे

जब हाथ लगे तेरे फूल पर
तो फूलों से जल गईं तितलियाँ
तूने हँस के जो देखा चाँद को
फिर ज़ोरों से कड़की बिजलियाँ

खुल के घटा बरसी
तुझे देख दिन-रात हुई
मैंने अर्ज़ करी बारिश
तेरे आने पे इरशाद हुई
मैंने अर्ज़ करी बारिश

कुछ मरते हैं कुछ पागल उसपे
लोग हवाएँ और बादल उसपे
कुछ मरते हैं कुछ इतने पागल उसपे
अरे लोग हवाएँ बरखा और बादल उसपे

कहीं इस जहाँ से, कहीं उस जहाँ से
तेरा कोई ना कोई ताल्लुक़ लगता आसमां से
वैसे समय तो शायर है लेकिन
तेरे लिए लाए नए-नए लफ़्ज़ कहाँ से

क्या बात लिखूं तुझ पर बता
ख़यालों से अपनों को उतार कर
तेरे एक इशारे पर सुना
मैंने गिरती हैं बूँदें हार कर

लौट गया घर तू
फिर पल ना बरसात हुई..

Leave a Comment