हो ओ हो हो ओ..
हो ओ हो हो ओ..
मस्सा मस्सा मस्सा हे
चिक चिक चिकि चिकि मस्सा..
जिगर दुश्मन का थर थर कांपे
जो चल कर तू आए
के सांसे थम-थम जाए
लहू जम जाए जो तू आए
पर्वतों की ढलानों में सीढ़ी बन जाए
ज्वालामुखी जो हाथों की बीड़ी बन जाए
उंगली तेरी धरती की धुरी बन जाए तू
चिंगारी में बारूदों का भरम
मस्सा मस्सा मस्सा
ये तेरा दबदबा है
चिक चिक चिकि चिकि मस्सा
जलवा दिखादे मौका है
मस्सा मस्सा मस्सा
सबको बता दे तु है कौन
चिक चिक चिकि चिकि मस्सा
किसने तुझे रोका है
ओ.. हो..
हो ओ..
हो झरझर बहता तेरा ये पसीना
पिघले हुए उस लोहे की तरह
ओ आग भरा एक झील है सीना
खोल रहा है सोने की तरह
ओ खुलकर बोलो ऐसे चिल्लाना छोड़ो
गुस्से में आग ना पकड़ना
ओ नीचे गहरी खाई ऊपर मंजिल है भाई
देखो वहां से ना फिसलना
हो चल संभल बाधाओं को मसल
है पल अकल से दुनिया बदल
तेरा इरादा दिल मेरा रहे अटल
हो जाएगा अगर जमाने में सफल
यहां सब करेंगे तेरी ही नकल
तेरे नाम का ही सिक्का जो चलेगा यहां
है कौन टिकेगा यहां
मस्सा मस्सा मस्सा
चिक चिक चिकि चिकि मस्सा
मस्सा मस्सा मस्सा
ये तेरा दम दबा है
चिक चिक चिकि चिकि मस्सा
जलवा दिखादे मौका है
मस्सा मस्सा मस्सा
सबको बता दे तू है कौन
चिक चिक चिकि चिकि मस्सा
किसने तुझे रोका है