लगन भजन चाहे ज़माना रूठे पर ये लगन ना छूटे लिरिक्स Lagan Bhajan Lyrics Anjali Dwivedi

लगन भजन- चाहे ज़माना रूठे, पर ये लगन ना छूटे लिरिक्स Lagan Bhajan Lyrics Anjali Dwivedi, Khatu Shyam Ji Bhajan Lyrics

चाहे ज़माना रूठे, पर ये लगन ना छूटे,
चाहे जमाना रूठे पर ये लगन ना छूटें,
रहे साथ में सदा साँवरा साथ कभी ना छूटें,
दुनियाँ ना मेरे किसी काम की,
मैं तू दीवानी अपने श्याम की,
चाहे जमाना रूठे पर ये लगन ना छूटे।

श्याम है जबसे मन में समाया,
कितनी बदल गई जीवन की छाया,
हर सपना पूरा होने लगा है,
कितनी निराली है इसकी माया,
अब चाहे हर रिश्ता टूटे,
बस ये संग ना छुटे,
मिली है निशानी जब से नाम की,
मैं तो दीवानी अपने श्याम की
महिमा निराली इसके धाम की,
मैं तो दीवानी अपने श्याम की
चाहे जमाना रूठे पर ये लगन ना छूटे।

इसकी कृपा शोहरत मिली है,
मुरझाए मन की कली हर खिली है,
गिरने ना मुझको उसने दिया है,
मिला जख्म जो भी उसी ने सियाँ है,
अब चाहे गम जितने टूटे पर दामन ना छुटे
महिमा निराली इसके धाम की,
मैं तो दीवानी अपने श्याम की
चाहे जमाना रूठे पर ये लगन ना छूटे।

शाम को जो भी अपना बनाए बेचैनी धीरज पाए,
श्याम को जो भी गुणगान गाए,
रहे दूर उससे सदा दुःख की साए,
बन के दीवाना वो यश लूटे बाकि लगे सब झूठे
पूजा करूँ मैं खाटू धाम,
मैं तो दीवानी अपने श्याम की
चाहे जमाना रूठे पर ये लगन ना छूटे।