राज्य सरकार के शासकीय/अर्धशासकीय कार्यालयों में अग्निशमन कर्मियों को शामिल करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से 06 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण शासकीय निर्णय जारी किया गया है।
सरकार के उक्त निर्णयों में कहा गया है कि सेना से फायरमैन के रूप में सेवा समाप्त होने के बाद सैनिकों को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में समाधान योजना सुझाने के लिए एक अध्ययन समूह का गठन किया जा रहा है।
उक्त अध्ययन समूह में कर्नल दीपक थोंगे (सेवानिवृत्त) सैनिक कल्याण विभाग पुणे की अध्यक्षता में 06 अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है। उक्त समिति के कार्यकर्ता वर्ग को आप इस प्रकार देख सकते हैं।
01. सरकारी/अर्धसरकारी सेवा में विभिन्न माध्यमों से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु उपचारात्मक योजना का सुझाव देना।
02.निजी क्षेत्रों में नौकरियाँ प्राप्त करने हेतु उपचारात्मक योजनाएँ सुझाना।
03.स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु प्रशिक्षण के साथ-साथ वित्तीय सहायता आदि। समाधान योजना का सुझाव देना।
राज्य में वर्तमान में 2839 फायर फाइटर हैं, जिनमें से 25 प्रतिशत फायर फाइटर को बरकरार रखा जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत फायर फाइटर को राज्य फायर ब्रिगेड, राज्य रिजर्व पुलिस बल, पुलिस बल आदि में भर्ती किया जाएगा।

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