वही उस पार हो गए
कैसे जोड़े बताओ दिल
टुकड़े हज़ार हो गए
दुनिया की बातें सुन-सुन के हारे
शामें गुज़ारी गिन-गिन के तारे
देखी हथेली जब गौर से तो
ढूंढी लकीरें निकली दरारें
था ख़ुदा की तरह एहतराम तेरा
एक दफ़ा लिख दिया दिल पे नाम तेरा
उसके बाद लफ़्ज़ भी लिखा नहीं
मांगते रहे मगर
तुमने दिल दिया नहीं
देखती रही नज़र
तुमने दिल दिया नहीं
खो दिया है वो भी जो
था हमें मिला नहीं
पूरे हम गए बिखर
तुमने दिल दिया नहीं
हमने, तुमने दिल दिया नहीं
खोके सुकूं दर्द निकले कमाने
वो थे सितमगर हम थे दीवाने
सौ बार उनको किया माफ़ हमने
ना वो रुके ना उनके बहाने
हर दर पर सर रख के थीं दुआएं की
सब देकर भी हमें तिजारतें मिलीं
था ख़ुदा की तरह एहतराम तेरा
एक दफ़ा लिख दिया फिर मैं नाम तेरा
उसके बाद लफ़्ज़ भी लिखा नहीं
मांगते रहे मगर
तुमने दिल दिया नहीं
देखती रही नज़र
तुमने दिल दिया नहीं
खो दिया है वो भी जो
था हमें मिला नहीं
पूरे हम गए बिखर
हमने, तुमने दिल दिया नहीं
जिसे इस पार थे मिले
वही उस पार हो गए
कैसे जोड़े बताओ दिल
टुकड़े हज़ार हो गए
कहीं अब होश ना सुकून
सब लेके चले गए
तेरी शाम में ही सुबह
सब एकसार हो गए